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वक़्त शायरी | समय शायरी | Waqt Shayari in Hindi – Part 2

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वक़्त शायरी | समय शायरी | Waqt Shayari in Hindi – Part 2 (26 से 50 तक )

26
रोके से कहीं हादसा-ए-वक़्त रुका है,
शोलों से बचा शहर तो शबनम से जला है।।
अली अहमद जलीली

27
उस वक़्त मुझे चौंका देना,
जब रँग में महफ़िल आ जाए।।

28
सब आसान हुआ जाता है,
मुश्किल वक़्त तो अब आया है।।
शारिक़ कैफ़ी

29
यूँ तो पल भर में सुलझ जाती है उलझी ज़ुल्फ़ें,
उम्र कट जाती है पर वक़्त के सुलझाने में।।

30
उन का ज़िक्र उन की तमन्ना उन की याद,
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल।।
शकील बदायुनी

31
वो ख़लिश जिस से था हंगामा-ए-हस्ती बरपा,
वक़्त-ए-बेताबी-ए-ख़ामोश हुई जाती है।।

32
तुम ने वो वक्त कहां देखा जो गुजरता ही नहीं,
दर्द की रात किसे कहते हैं तुम क्या जानो।।

33
अल्लाह तेरे हाथ है अब आबरू-ए-शौक़,
दम घुट रहा है वक़्त की रफ़्तार देख कर।।
बिस्मिल अज़ीमाबादी

34
वक्त नहीं लगता दिल को दिल तक आने में,_
पर सदियाँ लग जाती है एक रिश्ता भुलाने में।।

35
सीख जाओ वक्त पर किसी की चाहत की कदर करना,
कहीं कोई थक ना जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते।।

36
वक्त चाहत नही होती तो तेरे करजज़ार होते,
एक पल के लिए भी हम तलाबदार न होते।।

37
वक़्त रहते इश्क़ की कदर करें,
ताज़महल दुनिया ने देखा है मुमताज़ ने नहीं।।

38
आप के दुश्मन रहें वक़्त-ए-ख़लिश सर्फ़-ए-तपिश,
आप क्यों ग़म-ख़्वारी-ए-बीमार-ए-हिजराँ कीजिये।।

39
कोई ठहरता नहीं यूँ तो वक़्त के आगे,
मगर वो ज़ख़्म कि जिस का निशाँ नहीं जाता ।।
फ़र्रुख़ जाफ़री

40
कल मिला वक़्त तो ज़ुल्फ़ें तेरी सुलझा लूंगा,
आज उलझा हूँ ज़रा वक़्त के सुलझाने में।।

41
जब दिल पे छा रही हों घटाएँ मलाल की,
उस वक़्त अपने दिल की तरफ़ मुस्कुरा के देख।।

42
सदा ऐश दौराँ दिखाता नहीं,
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं।।
मीर हसन

43
वक्त भी वक्त पर अपनी,
कदर समझा देता है।।

44
वक़्त का खास होना ज़रुरी नहीं,
खास लोगों के लिये वक़्त होना ज़रुरी हैं।।

45
ना उसने मुड़ कर देखा ना हमने पलट कर आवाज दी,
अजीब सा वक्त था जिसने दोनो को पत्थर बना दिया।।

46
लोग बहुत अच्छे होते हैं,
अगर हमारा वक्त अच्छा हो तो।।

47
वक्त नहीं है किसी के पास,
जब तक न हो कोई मतलब खास।।

48
रात तो वक्त की पाबंद है, ढल जायेगी,
देखना तो ये है दीयों का सफर कितना होगा।।

49
बख्शे हम भी न गए, बख्शे तुम भी न जाओगे,
वक्त जानता है हर चेहरे को बेनकाब करना।।

50
बातों से सीखा है हमने आदमी को पहचानने का फन,
जो हल्के लोग होते है, हर वक्त बातें भारी भारी करते हैं।।

~aakaasshhh~

शायरी करनी है तो मुहब्बत कर... दिल के जख्म जरूरी है शायरी के लिए...

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