Categories: Song Lyrics

ये रातें, ये मौसम नदी का किनारा….

ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा
कहा दो दिलों ने, के मिलकर कभी हम ना होंगे जुदा

ये क्या बात है, आज की चाँदनी में,
के हम खो गये, प्यार की रागनी में.
ये बाहों में बाहें, ये बहकी निगाहें,
लो आने लगा जिंदगी का मज़ा.
ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा….
सितारों की महफ़िल नें कर के इशारा,
कहा अब तो सारा, जहां है तुम्हारा.
मोहब्बत जवां हो, खुला आसमां हो,
करे कोई दिल आरजू और क्या.
ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा…

कसम है तुम्हे, तुम अगर मुझ से रूठे,
रहे सांस जब तक ये बंधन ना टूटे.
तुम्हे दिल दिया है, ये वादा किया है,
सनम मैं तुम्हारी रहूंगी सदा.
ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा
कहा दो दिलों ने, के मिलकर कभी हम ना होंगे जुदा…

गायक : आशा – किशोर,
संगीतकार : रवी,
चित्रपट : दिल्ली का ठग (१९५८)
Singer : Asha Bhosle – Kishore Kumar,
Music Director : Ravi,
Movie : Dilli Ka Thug (1958)

Ye Raate Ye Mausam Nadi Ka Kinara

 

Chitransh Shrivastava

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