अलहड हवायें

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ये अलहड सी हवायें,
मुझको तेरी याद दिलाती हैं।
जब पूरवायि चलती हैं
तो तेरे पास होने का ऐहसास दिलाती है।
ये गरम-गरम सी हवायें तेरे दूर होने की
खबर से मेरे दिल को जलाती है।
ये अलहड सी हवायें ,
मुझको तेरी याद दिलाती है।

Nisha nik

तमन्नाओं का शहर ,बाजार सब खुला था , बस एक हम ही फ़क़ीर ,खरीदार बन ना पाये ! -nisha nik''ख्याति''

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