कमबख्त ज़िन्दगी…

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जिन्दगी भी बङी कमबख्त चीज है
मिलती तो एक बार है पर रूलाती बार-बार है
-Nisha nik.

Nisha nik

तमन्नाओं का शहर ,बाजार सब खुला था , बस एक हम ही फ़क़ीर ,खरीदार बन ना पाये ! -nisha nik''ख्याति''

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