मेरे बद हालात पर हँसने लगे है लोग.

मेरे बद हालात पर हँसने लगे है लोग,
ताने भी कैसे-कैसे अब कसने लगे है लोग।

समझ रहा था जिन चेहरों को अपना मैं,
उन चेहरों में अब पराये बसने लगे है लोग।
-इन्दर गुन्नासवाला

इन्दर मीणा

संघर्षमय जीवन ही आनंदित जीवन है।

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