रूह में ………….जो आइना होता है
रोशनी …………सच की दिखा देता है
—सुरेश सांगवान’सरु’

Leave a Comment

Recent Posts

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई …

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई जैसे एहसान उतारता है कोई आईना देखकर तसल्ली हुई… Read More

2 months ago

तीरगी चांद के ज़ीने से सहर तक पहुँची – राहत इन्दोरी

तीरगी चांद के ज़ीने से सहर तक पहुँची ज़ुल्फ़ कन्धे से जो सरकी तो कमर… Read More

2 months ago

नोटबंदी/अमरेश गौतम

जमा पूरी रकम को, कालाधन न कहो साहब, गरीबों के एक-एक रुपये का,उसी में हिसाब… Read More

5 years ago

नोटबंदी/ अमरेश गौतम

गड्डी महलों की या न निकली, अपने बटुए से नोट पुराने चले गए। सुबह शाम… Read More

5 years ago