रोज़ हौसलाअफजाई होती है/अयुज

रोज़ हौसलाअफजाई होती है,
रोज़ उनकी गली में रुसवाई होती है।
कैसे बताऊँ ज़माने वालों को,
कितनी शिद्दत से बुलवाई होती है।

अमरेश गौतम

कवि /पात्रोपाधि अभियन्ता

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