शिकवा तो यूँ करते हो जैसे

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ऐ अन्ज़ान,
शिकवा तो यूँ करते हो जैसे तुम बस मेरे ही हो,
कभी खुद से पूँछों मेरे एल-एल.बी. करने का वजह क्या थी।

Atul Azamgarhi

Law Student Lucknow university

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