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यूँ लगने लगी है अब जहर जिंदगी

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यूँ लगने लगी है अब जहर जिंदगी,
तड़पा रही है कुछ इस कदर जिंदगी,

यंहा उजालों के पीछे अँधेरा है बहुत,
जाये भी तो जाये कैसे शहर जिंदगी,
~~~~~~~~
मनोज सिंह”मन”

Manoj Singh

दिल मांग तो रही हो, संभाल पाओगी तुम, बस इतना ख़याल रहे , ये टूटता बहुत है, अपनों की बेरुखी से. - मनोज सिंह 'मन'

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